Make your own free website on Tripod.com

Manoshi Hindi Page

moosaladhar barish

Home
meri ghazal
holee geet voice
Prem
smriti
pooja
ujaala
prakriti
kuchh khayaal
kuchh yun hee
Haiku
Dohe
Avasar
nazm
baal kavitaayein
be-bahar ghazalein
kahaniyaan
Poetry in English
some links of mine

मूसलाधार बारिश

 
drop.jpg
 
मूसलाधार बारिश
 
 
कल की शाम बड़ी भारी थी
मूसलाधार बारिश में
कहीं बहुत कुछ भीग रहा था
हर पंखुडी पर जमा थी कई
पुराने उधडे लम्हों की दास्तां
एक छोटा सा लम्हा टपक पडा
किसी पंखुडि के कोने से
बडा सहेज कर रखा था
मैने उस लम्हें को
छितर गयी वो बून्द आज
कि उस बून्द के पीछे
बून्दों का सिलसिला जो चल पडा
एक रुका हुआ सैलाब
बाँध तोड कर टूट पडा
कि बहुत दिनो बाद बारिश हुई थी
मूसलाधार बारिश....

 

 

all poems by manoshi chatterjee